OIS (OPTICAL IMAGE STABILIZATION)
ऑप्टिकल इमेज स्टेबलाइजेशन कैमरा का वह हार्डवेयर पार्ट है। जिससे किसी भी इमेज को लेते टाइम हिलने डुलने और इमेज खराब होने का प्रॉबलम हो सकती है।तब कैमरा के इंजीनियरो ने OIS का निर्माण किया ।
OIS अक हार्डवेयर पार्ट होता है जो कि की कैमरा या मोबाइल फोन के अंदर स्प्रिंग मकनिज्म से जुड़ा रहता है। ये स्प्रिंग इस तरह डिजाइन किया जाता है ।
अगर कैमरा X-axis में जाता है तो कैमरा का OIS -X axis में जाता है और यही Y axis के साथ होता है। OIS किसी भी कैमरा के इमेज में बड़ा योगदान होता है इससे इमेज के क्वालिटी बढ़ती है और इमेज शार्प और क्रिस्प बनता है।
OIS generally महगेे कैमरा जैसे sony,nikon,cannon,laica,panasonic, आदि के कैमरा में होता है।और महगें फोन लगभग 50000 हजार के ऊपर के फोन में दिया जाता है।
EIS
Electronic image stabilization
EIS इलेक्ट्रॉनिक इमेज सब्लाइजेशन
EIS एक प्रकार का सॉफ्टवेयर फीचर होता है। जो कि आजकल में मोबाइल में लगभग मिल जाता है। EIS कैमरा के सॉफ्टवेयर और एक इलेक्ट्रॉनिक IC में इमेज के डायरेक्शन का पता कर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के साथ कंबाइन करके इमेज और वीडियो सब्लिजेशन का कार्य करता है।
EIS इमेज,वीडियो कैप्चर करते समय वीडियो के साइड और ऊपर के साइड इमेज को क्रॉप या कट करता है जिससे ये प्रतीत होता है कि इमेज स्मूथ और अच्छी बनी है।जबकि ये वीडियो या इमेज की क्वालिटी काम करता है।
EIS और OIS में अंतर ?
EIS आजकल के सभी device कैमरा आदि में डाला जा सकता है ये बहुत उपयोगी होता है।ये कैमरा के सॉफ्टवेयर में इंस्टॉल होता है। ये इमेज क्रॉप करके कैप्चर करता है।जबकि इसके उलट OIS एक हार्डवेयर device होता है जो इमेज वीडियो केसब्लाइजेशन में मदद करता है इसमें किसी भी प्रकार का क्रॉपिंग कटिंग नहीं होता। ये महगा होता है इसलिए काम प्रयोग में लाया जाता है।
आजकल इमेज सब्लीजेशन कैमरा के लेंस में भी उपयोग होता रहा है जिससे डुअल सबलाइजेशन में मदद मिलती है। और इमेज वीडियो की क्वालिटी बढ़ती है।
अगर कैमरा X-axis में जाता है तो कैमरा का OIS -X axis में जाता है और यही Y axis के साथ होता है। OIS किसी भी कैमरा के इमेज में बड़ा योगदान होता है इससे इमेज के क्वालिटी बढ़ती है और इमेज शार्प और क्रिस्प बनता है।
OIS generally महगेे कैमरा जैसे sony,nikon,cannon,laica,panasonic, आदि के कैमरा में होता है।और महगें फोन लगभग 50000 हजार के ऊपर के फोन में दिया जाता है।
EIS
Electronic image stabilization
EIS इलेक्ट्रॉनिक इमेज सब्लाइजेशन
EIS एक प्रकार का सॉफ्टवेयर फीचर होता है। जो कि आजकल में मोबाइल में लगभग मिल जाता है। EIS कैमरा के सॉफ्टवेयर और एक इलेक्ट्रॉनिक IC में इमेज के डायरेक्शन का पता कर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर के साथ कंबाइन करके इमेज और वीडियो सब्लिजेशन का कार्य करता है।
EIS इमेज,वीडियो कैप्चर करते समय वीडियो के साइड और ऊपर के साइड इमेज को क्रॉप या कट करता है जिससे ये प्रतीत होता है कि इमेज स्मूथ और अच्छी बनी है।जबकि ये वीडियो या इमेज की क्वालिटी काम करता है।
EIS और OIS में अंतर ?
EIS आजकल के सभी device कैमरा आदि में डाला जा सकता है ये बहुत उपयोगी होता है।ये कैमरा के सॉफ्टवेयर में इंस्टॉल होता है। ये इमेज क्रॉप करके कैप्चर करता है।जबकि इसके उलट OIS एक हार्डवेयर device होता है जो इमेज वीडियो केसब्लाइजेशन में मदद करता है इसमें किसी भी प्रकार का क्रॉपिंग कटिंग नहीं होता। ये महगा होता है इसलिए काम प्रयोग में लाया जाता है।
आजकल इमेज सब्लीजेशन कैमरा के लेंस में भी उपयोग होता रहा है जिससे डुअल सबलाइजेशन में मदद मिलती है। और इमेज वीडियो की क्वालिटी बढ़ती है।




